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Friday, 12 June 2015

एक अत्यन्त धनी व्यक्ति था। उसके पास इतना धन था कि वह कुछ भी खरीद सकता था। 

किन्तु उसके साथ एक समस्या थी और वह थी उसकी आँखों में लगातार रहने वाला दर्द।
उसने कई चिकित्सकों को दिखाया और उसकी इस समस्या का इलाज लगातार चल रहा था। किन्तु कोई लाभ
नहीं हो रहा था। उसे इस बीमारी से पीछा छुड़ाने के लिए सैकड़ों इंजेक्शंस भी लगवाने पड़ चुके थे। दवाईयें तो
वह इतनी खा चुका था जिनकी कोई गिनती ही न थी।

If you want to change the world, first you Change
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किन्तु दर्द कम होने के स्थान पर बढ़ता ही जा रहा था। अन्त में एक ऐसे भिक्षु को उस धनी व्यक्ति की आंखों

का दर्द ठीक करने के लिए बुलाया गया जो इस प्रकार के लाइलाज मर्ज़ ठीक करने का विशेषज्ञ माना जाता था।
भिक्षु ने पहले तो धनी व्यक्ति की समस्या को समझा और फ़िर कहा कि कुछ समय के लिए इस व्यक्ति को केवल
हरे रंग की वस्तुओं और पदार्थों को ही देखना है और कोशिश करनी है कि कोई और रंग ( हरे रंग के अलावा )
उसकी आँखों पर न पड़े।
धनी व्यक्ति ने तुरन्त पेन्टरों को बुलाया और कई बैरल हरा रंग खरीदा और उन पेन्टरों को हिदायत दी कि
जो-जो चीज़ें भी उसकी नज़र से गुज़रने की सम्भावना हो उन्हें हरे रंग से रंग दिया जाये।
कुछ दिनों के बाद जब वह भिक्षु दोबारा उस धनी व्यक्ति को देखने आया, तो धनी व्यक्ति के कर्मचारी हरे रंग से
भरी बाल्टियाँ लेकर गये और उन्होंने उस भिक्षु को हरे रंग से सराबोर कर दिया क्यों कि भिक्षु ने केसरिया रंग
का चोला पहना हुआ था। इसके बाद जब भिक्षु उस धनी व्यक्ति के सम्मुख पहुंचा तो जोर से हंसा और बोला,
" साहब ! आपने यदि केवल एक हरे रंग के शीशों वाला चश्मा ही खरीद लिया होता, तो आपका बहुत सा
सामान, दीवारें, बर्तन इत्यादि बर्बाद होने से बच जाते और आपका बहुत सा धन भी बच गया होता जो आपने
रंगों और पेन्टरों पर खर्च किया। "
                                         


शिक्षा :
         " आप पूरे संसार को हरे रंग से नहीं रंग सकते। "
आप अपना नज़रिया बदल लें और पूरा संसार आपको वैसा ही दिखने लगेगा। यदि आप पूरी दुनियां को
बदलना चाहते हैं तो पहले अपने आपको बदलिए।

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एक छोटी सी लड़की

एक दिन की घटना है । एक छोटी सी लड़की फटे पुराने कपड़ो में एक सड़क के कोने पर खड़ी भीख मांग रही थी । न तो उसके पास खाने को था, न ही पहनने के लिए ठीक ठाक कपड़े थे और न ही उसे शिक्षा प्राप्त हो पा रही थी । वह बहुत ही गन्दी बनी हुई थी, कई दिनों से नहाई नहीं थी और उसके बाल भी बिखरे हुए थे । तभी एक अच्छे घर का संभ्रांत युवा अपनी कार में उस चौराहे से निकला और उसने उस लड़की को देखते हुए भी
अनदेखा कर दिया । अंततः वह अपने आलीशान घर में  पहुंचा जहाँ सुख  सुविधा के सभी साधन उपलब्ध थे । तमाम नौकर चाकर थे, भरा पूरा सुखी परिवार था ।
A Little Girl
A Little Girl
जब वह रात्रि का भोजन करने के लिए अनेक व्यंजनों से भरी
हुई मेज पर बैठा तो अनायास ही उस अनाथ भिखारी बच्ची की तस्वीर उसकी आँखों के सामने आ गयी । उस
बिखरे बालों वाली फटे पुराने कपड़ों में छोटी सी भूखी बच्ची की याद आते ही वह व्यक्ति ईशवर पर बहुत नाराज़ हुआ । उसने ईश्वर को ऐसी व्यवस्था के लिए बहुत धिक्कारा कि उसके पास तो सारे सुख साधन मौजूद थे और एक निर्दोष लड़की के पास न खाने को था और न ही वह शिक्षा प्राप्त कर पा रही थी । अंततः उसने ईश्वर को कोसा,  " हे ईश्वर आप ऐसा कैसे होने दे रहे हैं ? आप इस लड़की की मदद करने के लिए कुछ करते क्यों नहीं  ?" इस प्रकार बोल कर वह खाने की मेज़ पर ही आंखें बंद करके बैठा था ।
तभी  उसने अपनी अन्तरात्मा से आती हुई आवाज़ सुनी जो कि ईश्वरीय ही थी । ईश्वर  ने कहा
" मैं बहुत कुछ करता हूँ और ऐसी परिस्तिथियों को बदलने के लिए मैंने बहुत कुछ किया है । मैंने तुम्हें बनाया है ।" जैसे ही उस व्यक्ति को यह एहसास हुआ कि ईश्वर उस गरीब बालिका का उद्वार उसी के द्वारा
करना चाहता है, वह बिना भोजन किये मेज़ से उठा और वापस उसी स्थान पर पहुंचा, जहाँ वह गरीब लड़की
खड़ी भीख मांग रही थी । वहां पहुँच कर उसने उस लड़की को कपडे दिए और भविष्य में उसे पढ़ाने लिखाने और
एक सम्मानित नागरिक बनाने का पूरा खर्चा उठाया ।  
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Failure is more important than success

सभी के जीवन में एक समय ऐसा आता है जब सभी चीज़ें आपके विरोध में हो रहीं हों।  चाहें आप एक प्रोग्रामर हैं या कुछ और, आप जीवन के उस मोड़ पर खड़े होता हैं जहाँ सब कुछ ग़लत हो रहा होता है।  अब चाहे ये कोई सॉफ्टवेर हो सकता है जिसे सभी ने रिजेक्ट कर दिया हो, या आपका कोई फ़ैसला हो सकता है जो बहुत ही भयानक साबित हुआ हो।
henry ford
henry ford

लेकिन सही मायने में, विफलता 

सफलता से ज़्यादा महत्वपूर्ण होती है।  हमारे इतिहास में जितने भी बिजनिसमेन, साइंटिस्ट और महापुरुष हुए हैं वो जीवन में सफल बनने से पहले लगातार कई बार फेल हुए हैं।  जब हम बहुत सारे कम कर रहे हों तो ये ज़रूरी नहीं कि सब कुछ सही ही होगा| लेकिन अगर आप इस वजह से प्रयास करना छोड़ देंगे तो कभी सफल नहीं हो सकते।

हेनरी फ़ोर्ड, जो बिलियनेर और विश्वप्रसिद्ध फ़ोर्ड मोटर कंपनी के मलिक हैं।  सफल बनने से पहले फ़ोर्ड पाँच अन्य बिज़निस मे फेल हुए थे | कोई और होता तो पाँच बार अलग अलग बिज़निस में फेल होने और कर्ज़ मे डूबने के कारण टूट जाता।  लेकिन फ़ोर्ड ने ऐसा नहीं किया और आज एक बिलिनेअर कंपनी के मलिक हैं।

अगर विफलता की बात करें तो थॉमस अल्वा एडिसन का नाम सबसे पहले आता है।  लाइट बल्व बनाने से पहले उसने लगभग 1000 विफल प्रयोग किए थे।

अल्बेर्ट आइनस्टाइन जो 4 साल की उम्र तक कुछ बोल नहीं पता था और 7 साल की उम्र तक निरक्षर था।  लोग उसको दिमागी रूप से कमजोर मानते थे लेकिन अपनी थ्ओरी और सिद्धांतों के बल पर वो दुनिया का सबसे बड़ा साइंटिस्ट बना।

अब ज़रा सोचो की अगर हेनरी फ़ोर्ड पाँच बिज़नेस में फेल होने के बाद निराश होकर बैठ जाता, या एडिसन 999 असफल प्रयोग के बाद उम्मीद छोड़ देता और आईन्टाइन भी खुद को दिमागी कमजोर मान के बैठ जाता तो क्या होता?

हम बहुत सारी महान प्रतिभाओं और अविष्कारों से अंजान रह जाते।  तो मित्रों, असफलता सफलता से कहीं ज़्यादा महत्वपूर्ण है…..

Failure is the best teacher and more important than success,
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